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Wednesday, 4 February 2015


हाहाहा... आन्दोलन... देश को मिल गई एक नई राजनीतिक पार्टी...

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इंटरव्यू के नाम पर चुनाव प्रचार... 
ये इंटरव्यू लेने का कौन सा तरीका है... 
न कोई काउन्टर सवाल... 
न कोई क्रोस कोस्चनिंग...
न कोई तथ्यपूर्ण प्रशन...
चाहे वो एनडीटीवी की बरखा हों...
या आज तक पर राजदीप हों...
या फिर न्यूज़ नेशन पर अजय कुमार हों...
केजरीवाल का इंटरव्यू ये सब दिग्गज पत्रकार ले रहे हैं... और सवाल ऐसे पूछते हैं कि केजरीवाल को जवाब देने के बहाने चैनल के माध्यम से प्रचार का पूरा मौका दे देते हैं... सवाल भी ऐसे होते हैं जो केजरीवाल को दर्शकों के सामने अपनी वही बातें रखने का मौका देते हैं जो वो प्रचार के दौरान अपनी चुनावी रैलियों में कहते नज़र आते हैं... आज तो हद हो गई आजतक पर राजदीप के सामने केजरी ने खुले आम कैमरे के सामने अपने लिए जनता से वोट मांग लिए... भाजपा और कांग्रेस को वोट न देने की अपील भी कर दी... ये क्या था समझना बहुत मुश्किल है...क्या ये सब मैनेज है... या फिर पत्रकारिता बदल गई है...

कुछ भी हो केजरीवाल कितने भी खत्म हो जाएं या न हो जाएं... अब वो भारत की राजनीति में एक पार्टी के रूप में स्थापित हो गए हैं... अब वो चाहे लोकसभा में चार सीटे ही क्यों न हो वो अस्तित्व में आ चुके हैं... दिल्ली चुनाव में भी अच्छी खासी सीटे भी जीत जायेंगे... सीएम बनें या विपक्ष में बैठें... अब वो स्थापित हो चुके हैं उनको खत्म नहीं किया जा सकता... जय हो अन्ना आन्दोलन... जय हो इण्डिया अगेंस्ट करप्शन... हाहाहा... आन्दोलन... देश को मिल गई एक नई राजनीतिक पार्टी...

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